Friday, 21 August 2020

Sushant Singh Rajput केस में अब यह 'युवा नेता' कौन? बीजेपी नेता ने किया संदिग्ध भूमिका का इशारा

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बॉलिवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की आत्महत्या के मामले में जांच का आदेश मिलने के बाद सीबीआई की टीम मुंबई पहुंच चुकी है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के नेता और प्रवक्ता सुरेश नखुआ ने एक 'युवा पॉलिटिशन' की भूमिका पर ऊंगली उठाई है। उन्होंने कहा कि इस हाई प्रोफाइल मामले में अपनी छवि चमकाने के मकसद से एक युवा नेता पूरी प्लानिंग के तहत खुद ही सीबीआई के सामने जा सकता है।

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बीजेपी नेता नखुआ ने हालांकि किसी का स्पष्ट तौर पर नाम नहीं लिया। उन्होंने बताया, 'बहुत भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक एक युवा नेता अपनी इमेज बचाने के लिए खुद सीबीआई के सामने जा सकता है। आज या कल में यह नेता खुद से ही सीबीआई की टीम के सामने पूछताछ के लिए जा सकता है। बहुत तगड़ी PR रणनीति की प्लानिंग की जा रही है।'

नखुआ के अनुसार ऐसा करके वह 'युवा नेता' यह साबित करना चाहेगा कि उसने कुछ किया ही नहीं, इसलिए खुद सीबीआई के सामने आ गया। हालांकि यह नेता कौन है, इस बारे में नखुआ ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सबकुछ खुद ही सामने आ जाएगा। बता दें कि अभी तक इस केस में किसी नेता का नाम नहीं आया है। सुशांत के परिवार ने भी अपनी शिकायत में किसी नेता पर आरोप नहीं लगाए हैं।

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ऐक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत कैसे हुई? इस सवाल का जवाब तलाशने में जुटी CBI टीम मुंबई पहुंचते ही ऐक्‍शन मोड में है। शुक्रवार सुबह सीबीआई की टीम ने टीम ने सुशांत के कुक नीरज का बयान दर्ज कर लिया है, वहीं डीसीपी अभिषेक त्रिमुखे से भी मुलाकात कर ली है। सीबीआई मुंबई में 2 टीम बनाकर काम कर रही है। एक टीम ने बांद्रा पुलिस थाने पहुंचकर केस डायरी और दस्‍तावेज ले लिया है। सीबीआई की टीम सुशांत के घर पर डमी टेस्‍ट की भी तैयारी कर रही है।

बांद्रा पुलिस थाने पहुंचकर सीबीआई की टीम ने मुंबई पुलिस से केस डायरी के अलावा, सुशांत का फोन और लैपटॉप भी अपने कब्‍जे में ले लिया है। सीबीआई की टीम दो हिस्‍सों में बंटकर जांच कर रही है। इनमें से एक टीम को एसपी अनिल यादव लीड कर रहे हैं, जो पुलिस केस फाइल की जांच कर रही है। जबकि दूसरी टीम को एसपी नुपूर यादव लीड कर रही हैं, यह टीम फॉरेंसिक एनालिसिस कर रही है।

डीसीपी अभ‍िषेक त्रिमुखे के अलावा डीजीपी रैंक के एक और अफसर परमजीत सिंह दहिया से भी पूछताछ की खबर है। इस बीच जानकारी यह भी है कि सीबीआई की टीम आज सुशांत के घर जाकर वहां भी जांच करेगी। क्राइन सीन को भी रीक्रिएट किया जा सकता है। सीबीआई के साथ उनके अपने फॉरेंसिक एक्‍सपर्ट भी हैं। सीबीआई इस मामले में सुशांत के कथ‍ित दोस्‍त संदीप सिंह से भी पूछताछ करेगी।

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CBI ने सुशांत के कुक नीरज से पूछे ये 10 सवाल, पुलिस से केस डायरी के साथ म‍िले ये अहम सबूत


सुशांत राजपूत केस में सीबीआई ने शुक्रवार को मुंबई जांच शुरू कर दी है। इस इनवेस्टिगेशन के लिए CBI के 15 सदस्य गुरुवार शाम मुंबई पहुंचे थे। इन सदस्यों की 5 टीमें बनाई गई हैं। टीम ने सुशांत के कुक नीरज से पूछताछ की है साथ ही डीसीपी अभिषेक त्रिमुखे से भी मिली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांद्रा पुलिस से केस से जुड़े जरूरी डॉक्युमेंट्स भी लिए।

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नीरज अहम गवाह, पूछे गए ये सवाल

15 सदस्यी सीबीआई की टीम सुशांत की मौत की वजह का पता लगाने के लिए मुंबई में है। टीम शुक्रवार सुबह से ऐक्शन में आ चुकी है। सुशांत के लैपटॉप, डायरी, फोन और केस से जुड़े जरूरी सामान जांच एजेंसी ने अपनी कस्टडी में ले लिए हैं। वहीं सुशांत के कुक नीरज से भी आज पूछताछ की गई। नीरज इस केस में अहम गवाह है। वह सुशांत की मौत के वक्त घर पर ही था। सीबीआई ने अपनी पूछताछ में नीरज से कई अहम सवाल किए हैं। 3 घंटे के दौरान नीरज से कई अहम सवाल पूछे गए। यह पूछताछ लंबी चल सकती है। नीरज से पूछा गया-

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1. फ्लैटमेट्स के साथ कब से रह रहे थे सुशांत?
2. बीते 6 महीने से सुशांत के साथ कौन-कौन रह रहा था?
3. रविवार 14 जून की सुबह और उससे पहले की रात सुशांत का मूड कैसा था?
4. सुशांत की लाश को नीचे लेकर कौन आया?
5. क्‍या 13 तारीख की रात को घर पर कोई पार्टी हुई थी?
6. सुशांत का दरवाजा सुबह किसने खटखटाया था?
7. सुशांत का दरवाजा खटखटाने की जरूरत क्‍यों पड़ी, ऐसा क्‍यों लगा कि यह जरूरी है?
8. सुशांत की लाश को पंखे से नीचे किसने उतारा?
9. पीसीआर को किसने कॉल किया?
10. जब लाश मिली तो सुशांत के कमरे में कौन-कौन था?

सुशांत के 3 फोन और लैपटॉप भी CBI ने अपनी कस्टडी में लिए

रिपोर्ट्स के मुताबिक, CBI ने बांद्रा पुलिस से सुशांत की केस डायरी, उनका लैपटॉप और 3 फोन लिए हैं। इसके अलावा मौत के वक्त बिछी बेडशीट, और वो हरा कपड़ा भी लिया है, जिससे सुशांत के लटकने की बात कही जा रही है।.जानकारी के मुताबिक, सीबीआई अफसर सुशांत के बांद्रा अपार्टमेंट जाएंगे, जहां 14 जून को सुशांत मृत पाए गए थे। उन 5 लोगों को भी बुलाया जाएगा जो उनकी मौत के बाद फ्लैट पर पहुंचे थे। टीम सुशांत की बहन मीतू से भी मिल सकती है। साथ ही सुशांत की मौत का सीन रीक्रिएट किया जाएगा। मुख्य अभियुक्त रिया चक्रवर्ती से भी पूछताछ की जा सकती है।

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रिया चक्रवर्ती की इन परिस्थितियों में हो सकती है गिरफ्तारी, CBI ने जांच का काम किया तेज


सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के कथित सुसाइड मामले में जांच पड़ताल शुरू कर दी है। ऐसे में सुशांत के प्रशंसक और परिवार वाले खुश हैं, उन्हें उम्मीद है कि जल्द से जल्द सुशांत का असली गुनहगार पकड़ा जाएगा। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक सवाल पर लगातार चर्चा की जा रहा है कि क्या सीबीआई इस मामले में तुरंत किसी की गिरफ्तारी कर सकती है? तो आइये जानते हैं, आखिर सीबीआई किन परिस्थितियों में गिरफ्तारी कर सकती है…

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दरअसल सीबीआई द्वारा तुंरत गिरफ्तारी को लेकर, कानून विशेषज्ञों की अलग अलग राय है। एक इंटरव्यू में पूर्व सीबीआई डायरेक्टर एपी सिंह ने कहा कि गिरफ्तारी के लिए सीबीआई  को पहले पर्याप्त सबूत जुटाने होंगे। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि सुशांत के फैंस द्वारा जो मांग की जा रही है कि इस मामले में तुरंत गिरफ्तारी हो, वो अभी संभव नहीं  दिखती है।याद दिला दें कि सुशांत के पिता केके सिंह ने पटना के राजीव नगर थाने में रिया के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। इसमें उन्होंने रिया पर आरोप लगाया है कि उसने ही सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाया है। साथ ही रिया पर सुशांत के करोड़ों रूपए लूटने का भी  गंभीर आरोप है। बता दें कि इस एफआईआर में रिया समेत 6 अन्य लोगों के नाम हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि सीबीआई इन सभी लोगों को पूछताछ के लिए तलब कर सकती है।

गिरफ्तारी इंवेस्टिगेटिंग ऑफिसर का विशेषाधिकार

गिरफ्तारी की बात करें, तो इससे जुड़े कानूनी प्रावधान एकदम स्पष्ट हैं। इसके अनुसार गिरफ्तारी सिर्फ इंवेस्टिगेटिंग ऑफिसर के विशेषाधिकार के अंतर्गत आता है। इसके अलावा देशभर के कई उच्च अदालतों ने इस बात का जिक्र किया है कि  गिरफ्तारी तर्कपूर्ण और न्यायसंगत होनी चाहिए।गिरफ्तारी के बारे में कहा जाता है कि जो भी इंवेस्टिगेटिंग ऑफिसर मामले की जांच पड़ताल करता है, उसे गिरफ्तारी को तर्कपूर्ण साबित करने में सक्षम होना चाहिए। सिर्फ आरोपों के आधार पर ही कि किसी ने अपराध किया है, ये तर्कसंगत नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक आरोप सिद्ध नहीं हो जाते, गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है।  कानून के जानकारों का मानना है कि सीबीआई की जांच किस ओर जाएगी, इसका पहले से अनुमान लगाना भी ठीक नहीं है।

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इस मामले में वरिष्ठ वकील रमेश गुप्ता का कहना है कि इस केस में सुसाइड नोट नहीं है, सीबीआई को पूरे घटनाक्रम को एक साथ जोड़ना होगा, इसके अलावा इस केस में अभी तक कोई प्रत्यक्ष सबूत भी नहीं मिले हैं। सिर्फ परिस्थितिजन्य साक्ष्य ही मौजूद हैं। उन्होंने आगे कहा कि कानून जरूर इंवेस्टिगेटिंग ऑफिसर को  गिरफ्तारी करने का अधिकार देता है, बशर्ते वो गिरफ्तारी न्यायपूर्ण और तर्कसंगत हो।


सिर्फ पीड़ित पक्ष की दलील पर गिरफ्तारी संभव नहीं

वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा का कहना है कि अभिनेता सुशांत के परिवार वालों के आरोपों के आधार पर किसी की गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है। इसी के आगे उन्होंने कहा कि सिर्फ पीड़ित पक्ष के अनुरोध या दलील के आधार पर किसी की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। हालांकि ये बात सच है कि हर मामले में पीड़ित पक्ष चाहता है कि जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो।विकास पाहवा बताते हैं कि गिरफ्तारी तभी हो सकती है जब जांच एजेंसी को आरोपी से कुछ रिकवर करना हो। या फिर इंवेस्टिगेटिंग ऑफिसर को लगता है कि आरोपी जांच में उसके साथ सहयोग नहीं कर रहा है। या फिर अगर IO को लगे कि आरोपी को कस्टडी में लेकर पूछताछ की जा सकती है। या फिर लगे कि आरोपी गवाहों और चश्मदीदों को प्रभावित कर रहा है। या फिर वो कुछ छिपा रहा है। ये सब ऐसी परिस्थितियां हैं, जिनसे गिरफ्तारी न्यायपूर्ण और तर्कसंगत होती है। 

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योगिता हत्याकांड: हत्या के बाद शव के साथ ये घिनौनी हरकत करने वाला था विवेक, अचानक आ गए बच्चे और फिर...


आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम की हत्या के मामले में हिरासत में लिए गए मेडिकल ऑफिसर डॉ. विवेक तिवारी ने बृहस्पतिवार को पुलिस पूछताछ में वारदात करना कुबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने हत्या कार में ही कर दी थी। योगिता से पूछा था कि वह उससे शादी करेगी या नहीं, जैसे ही उसने मना किया, वैसे ही गला दबा दिया। नहीं मरी तो सिर में रिवाल्वर से गोली मारी, इसके बाच चाकू से गर्दन पर वार किया। शव को डौकी में फेंककर जलाने की कोशिश की लेकिन किसी के आ जाने के डर से उरई भाग गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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बतौर जूनियर डॉक्टर काम कर रही एमएस की छात्रा योगिता गौतम का शव बुधवार सुबह डौकी में मिला था। वह नूरी दरवाजा स्थित लेडी लॉयल के सामने किराए के मकान में रहती थी। दिल्ली की शिवपुरी कॉलोनी पार्ट - 2 निवासी पिता अंबेश कुमार गौतम राजस्थान के उदयपुर में नवोदय विद्यालय समिति में डिप्टी कमिश्नर हैं। भाई डॉ. मोहिंदर कुमार ने एमएम गेट थाना में हत्या की रिपोर्ट अज्ञात में दर्ज कराई लेकिन शक उरई, जालौन में तैनात मेडिकल ऑफिसर विवेक तिवारी पर जताया।    

विवेक कानपुर के किदवई नगर का रहने वाला है। उसके पिता वीके त्यागी डिप्टी एसपी थे। सेवानिवृत्ति के बाद उनकी मौत हो चुकी है। पुलिस ने विवेक को उरई से हिरासत में लेकर पूछताछ की। सीओ कोतवाली चमन सिंह चावड़ा ने बताया कि  डॉ. योगिता और विवेक मुरादाबाद की तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस में साथ थे, विवेक एक साल सीनियर था। वहीं से दोनों में दोस्ती हो गई। विवेक ने पूछताछ में बताया कि वह और योगिता शादी के लिए राजी थे, लेकिन वह चाहता था कि पहले बहन नेहा की शादी हो जाए।  

योगिता एससी है, वह ब्राह्मण है, इसलिए उसे लगता था कि अगर एससी युवती से शादी की तो बहन का शादी होना मुश्किल हो जाएगा। इससे योगिता को लगा कि वह शादी के नाम पर धोखा दे रहा है, इसलिए उससे बात करना बंद कर दिया। इस पर वह मंगलवार की शाम साढ़े छह बजे कार से आया। योगिता को उसके घर से ही ले गया। रास्ते में झगड़ा होने पर उसकी हत्या कर दी।
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मुझे लगा वह किसी और को चाहने लगी है... डॉ. विवेक तिवारी ने पुलिस को बताया कि योगिता ने एक साल पहले उससे शादी करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद वह उसे फोन करता तो वह रिसीव नहीं करती। नंबर ब्लॉक कर दिया। वह नंबर बदल बदलकर फोन करता तो उसका फोन चार-चार घंटे व्यस्त मिलता। उसे लगा कि वह किसी और को चाहने लगी है, इसलिए हत्या की साजिश रची। 

 डॉ. विवेक तिवारी ने बताया कि वह योगिता के शव को जलाना चाहता था, ताकि पहचान न हो पाए। उसने शव पर लड़कियां रख दी थीं, गीली होने के कारण उसमें आग नहीं लगी। समय बीतने पर उसे डर लगा कि कोई न जाए, तभी बच्चे आ गए, इसलिए वहां से भाग गया और अपनी कार से उरई पहुंच गया। मुजफ्फरनगर, नोएडा, रुद्रप्रयाग में पढ़ी थी योगिता योगिता के पिता नवोदय विद्यालय में कई जगह प्रधानाचार्य रहे। योगिता उन स्कूलों में ही पढ़ी। उसने आठवीं तक रुद्रप्रयाग के जवाहर नवोदय विद्यालय से पढ़ाई की। दसवीं मुजफ्फरनगर और बारहवीं नोएडा से की।  
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Thursday, 20 August 2020

...जब गोरखपुर की एक छात्रा की चिट्ठी पढ़कर सीएम योगी ने देर रात खुलवा दिया दफ्तर

 

लखनऊ. आमतौर पर अपने सख्त रवैये के लिए मशहूर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का किसी पीड़ित, परेशान व्यक्ति की सहायता के लिए मानवीय रूप भी लगातार सामने आता रहता है. इसी क्रम में गोरखपुर (Gorakhpur) की एक बीमार छात्रा के साथ हुआ, जब उसकी एक चिट्ठी पर मुख्यमंत्री ने देर रात अपना दफ्तर खुलवा दिया. दरअसल गोरखपुर के कैम्पियरगंज के मछलीगांव की रहने वाली छात्रा मधुलिका मिश्रा के ह्रदय के दोनो वाल्व खराब हैं. इलाज के लिए 9.90 लाख रुपये का खर्च आने की बात पत्र में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पता चली तो उन्होंने तुरंत मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इसकी स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू कर दी.

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मुख्यमंत्री ने इलाज के लिए रुपए जारी कर लिखा पत्र

सीएम योगी के निर्देश पर बीजेपी के 2 कार्यकर्ता छात्रा के घर गए और वहां से पूरा इस्टीमेट लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा. कागज पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने पैसों का इंतजाम करते हुए छात्रा के पिता को खुद चिट्ठी लिखकर इसकी जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने चिट्ठी में लिखा कि मुझे यह समाचार प्राप्त हुआ कि आपकी पुत्री कुमारी कुमारी मधुलिका मिश्रा के हृदय के दोनों वाल्व खराब हो गए हैं, जिसकी शल्य चिकित्सा होनी है, किन्तु धनाभाव के कारण वह सम्भव नहीं हो पा रही है. आपको अवगत कराना है कि आपकी पुत्री बीएड छात्रा कुमारी मधुलिका मिश्रा के हृदय की शल्य चिकित्सा हेतु मेदान्ता अस्पताल द्वारा प्रदत्त इस्टीमेट के अनुरूप कुल धनराशि 9.90 लाख रुपये मुख्यमंत्री विवेकाधीनकोष से स्वीकृत की गई है. आशा है कि इस धनराशि से उसकी शल्य चिकित्सा सकुशल सम्पन्न होगी और वह शीघ्र ही स्वस्थ होकर अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सकेगी.
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सीएम की चिट्ठी मिलते ही किसान परिवार को मिली राहत

मुख्यमंत्री की चिट्ठी मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई. आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण जहां कल तक ऑपरेशन कैसे होगा? इसका डर था तो वहीं आज मुख्यमंत्री को पुरा परिवार धन्यवाद दे रहा है. दरअसल मधुलिका के पिता एक किसान हैं. बेटी बीमार हुई तो उसके इलाज में जो पैसा था, उसे खर्च कर दिया धीरे-धीरे आर्थिक स्थिति जवाब देने लगी.

24 अगस्त को होना है मधुलिका का ऑपरेशन

मेदांता अस्पताल ने छात्रा मधुलिका मिश्रा के वॉल्व बदलने के लिए 9.90 लाख रुपये के इंतजाम करने के साथ ही 24 अगस्त को ऑपरेशन करने की डेट दे दी. किसान पिता राकेश चंद्र मिश्रा इलाज कराने में असमर्थ थे. तब मधुलिका ने सीएम और पीएम से गुहार लगाई. मधुलिका की मां की बचपन में ही मौत हो चुकी है. 2 भाई पढ़ाई करने के साथ पिता के खेती किसानी में हाथ भी बटांते हैं.

पाकिस्तान के रेल मंत्री की धमकी- भारत पर करेंगे परमाणु हमला, मुसलमानों को नहीं होगा नुकसान




इस्लामाबाद. अपने बयानों से अक्सर चर्चा में रहने वाले पाकिस्तान (Pakistan) के रेल मंत्री शेख रशीद (Shaikh Rashid) ने भारत के खिलाफ परमाणु बम का इस्तेमाल करने की धमकी दी है. भारत के साथ तनाव को लेकर रशीद ने सीधे-सीधे दावा किया है कि पाकिस्तान ने अपना हथियार तैयार रखा है और अगर भारत हमला करता है तो पारंपरिक युद्ध नहीं होगा, सीधे परमाणु हमला होगा जिसमें असम तक को निशाना बनाया जा सकता है. इमरान खान के मंत्री ने कहा कि हमारा हथियार मुसलमानों की जिंदगियों को बचाते हुए असम तक टारगेट कर सकता है. ऐसा पहली बार नहीं है जब रशीद ने ऐसा बयान दिया है.
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एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान वैश्विक राजनीति के समीकरणों पर बात करते हुए रशीद ने कहा कि आज चीन अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन के खिलाफ खड़ा है जबकि अपने नए दोस्तों नेपाल, श्रीलंका, ईरान और रूस के साथ नया ब्लॉक बना रहा है. रशीद ने कहा कि ऐसे में पाकिस्तान को चीन के साथ खड़ा होना चाहिए. इसके आगे रशीद ने कहा, 'अगर पाकिस्तान पर भारत ने हमला किया तो कन्वेन्शन वॉर की कोई गुंजाइश नहीं होगी.

यह खूनी और आखिरी जंग होगी और ऐटमी जंग होगी. हमारा हथियार कैलकुलेटेड, छोटा, परफेक्ट और निशाने पर है. असम तक टार्गेट कर सकता है. पाकिस्तान के पास कन्वेन्शन जंग की गुंजाइश कम है.'
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पहले भी कई बार दी है धमकी इससे पहले पिछले साल भी रशीद ने कहा था, '126 दिन धरने में शामिल था, उस वक्त मुल्क के हालात और सरहदी मामलात ऐसे नहीं थे. यह सीरियस थ्रेट है इस मुल्क को और ये जंग खौफनाक हो सकती है. ये कन्वेंशनल आर्म नहीं होगी। जो अक्ल के अंधे ये समझ रहे हैं कि 4-6 दिन टैंक, तोपें चलेंगी या हवाई जहाज, एयर अटैक होंगे या नेवी के गोले चलेंगे... नो वे. दिस विल बी ऐटॉमिक वॉर। दिस विल बी अ क्लियर कट ऐटॉमिक वॉर. और जिस तरह की जरूरत होगी उस तरह का असलहा इस्तेमाल करेंगे.'
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Monday, 17 August 2020

सुशांत सिंह के दोस्त का दावा- मुझे पता है किसने रची साजिश, सुरक्षा मिले तो सभी को कर दूं बेनकाब

सुशांत सिंह के दोस्त का दावा- मुझे पता है किसने रची साजिश, सुरक्षा मिले तो सभी को कर दूं बेनकाब


नई दिल्ली। सुशांत सिंह राजपूत के निधन को दो महीने बीत चुके हैं लेकिन आभी भी उनकी मौत का कारण रहस्य बना हुआ है। इस बीच सुशांत सिंह के एक दोस्त गणेश हीवरकर ने एक्टर की मौत को लेकर एक बड़ा और चौंकाने दावा किया है जिसके बाद से वह सुर्खियों में आ गए हैं। गणेश हीवरकर उन्हें इस केस से जुड़ी कुछ ऐसी बातें पता है जिसका खुलासा हो गया तो बहुत से लोग बेनकाब हो जाएंगे। हालांकि सुशांत के दोस्त ने अपनी सुरक्षा की चिंता करते हुए नामों का खुलासा करने से पहले सुरक्षा की मांग की है। 

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सुशांत के दोस्त ने किए कई खुलासे

गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से ही उनके घर में एक पार्टी का जिक्र इन दिनों कई लोगों ने किया। महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी के नेता नारायण राणे ने भी दावा करते हुए कहा था कि सुशांत की मौत से ठीक एक रात पहले उनके घर में एक पार्टी ऑर्गेनाइज की गई थी जिसमें कई बॉलीवुड और राजनैतिक हस्तियां शामिल हुई थीं। अब सुशांत सिंह के दोस्त गणेश हीवरकर ने भी उसी पार्टी का जिक्र करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। 

दिशा सालियान की मौत के भी राजदार

गणेश हीवरकर ने सुशांत की मैनेजर दिशा सालियान की मौत को लेकर भी कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि वह दिशा की मौत को लेकर भी कई राज जानते हैं। इसकी जानकारी कई लोगों को पहले ही लग चुकी थी। वहीं, गणेश ने दावा किया है कि सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की बात गलत है, वह सुसाइड नहीं कर सकते। गणेश ने दावा किया है कि उन्हें पता है सुशांत के साथ किसने साजिश रची और वे उन सभी लोगों का नाम जानते हैं। 

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मुंबई पुलिस से मांगी सुरक्षा 

इस खुलासे के बाद गणेश हीवरकर ने अपने लिए मुंबई पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है। गौरतलब है कि सुशांत के मौत के कुछ दिनों बाद ही पार्टी की बात सामने आई थी, इस पार्टी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। वहीं, सुशांत के परिवार का आरोप है कि एक्टर के खाते से 15 करोड़ रुपये गायब हैं। रुपये को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया गया था। सूत्रों की मानें तो जांच एजेंसियों ने भी इस बाबत तफ्तीश तेज कर दी है। 

सुशांत को डिप्रेशन हो ही नहीं सकता: अनुपम खेर 

उधर, सुशांत सिंह के परिवार वाले और फैंस लगातार मुहिम चालकर केंद्र सरकार से न्याय की मांग कर रहे हैं, फिलहाल बिहार सरकार की सिफारिश के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया है। सुशांत सिंह सुसाइड को लेकर हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं जिसके बाद से यह केस और पेचीदा होता जा रहा है। टाइम्स नाउ से बातचीत के दौरान सुशांत सिंह के साथ काम कर चुके वरिष्ठ कलाकार अनुपम खेर ने दावा किया है कि सुशांत को डिप्रेशन हो ही नहीं सकता। 

मैंने भी ऐसा बुरा दौर देखा: 

अनुपम अनुपम खेर ने कहा, 'मेंटल हेल्थ और अकेलापन से कोई भी जूझ सकता है। हालांकि, सुशांत ऐसे कतई नहीं थे जो डिप्रेशन में आकर अपनी जान दे दें।' अनुपम खेर ने कहा, 'मानसिक स्वास्थ्य की समस्या उसे भी हो सकती है जो खुश है, मैंने भी ऐसा बुरा दौर देखा है। कई लोग मेरी बात पर विश्वास नहीं करेंगे लेकिन मैं अपने डॉक्टर से मिला था। मुझे नींद नहीं आती थी। ऐसे में डॉक्टर ने मुझे मनोचिकित्सक के पास जाने की सलाह दी थी
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Tuesday, 14 July 2020

सुशांत के निधन के 1 महीने बाद रिया के व्हाट्सऐप ने खोला राज, दिखा कैसा था दोनों का रिश्ता



आज से ठीक एक महीने पहले यानि 14 जून 2020 को हमने बॉलीवुड के एक हुनरमंद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) खो दिया था। इस दिन सुशांत अपने मुंबई स्थित बांद्रा वाले फ्लैट में मृत पाए गए थे। उन्होने फांसी लगा आत्महत्या कर ली थी। इस बात को आज (14 जुलाई) पूरा एक महिना हो चुका है। सुशांत के जाने का गम अब तक कम नहीं हो पाया है। लोग सुशांत को बेहद मिस कर रहे हैं। सुशांत की कथित गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) का भी कुछ ऐसा ही हाल है।
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 सुशांत के निधन के एक महीने बाद उन्होने एक खास अंदाज में सुशांत को याद किया है। रिया के व्हाट्सऐप डीपी पर दिखे सुशांत दरअसल रिया ने अपने व्हाट्सऐप का डिस्प्ले पिक्चर (DP) चेंज कर दिया है। इस नए डीपी में वे सुशांत के साथ बड़ा ही प्यारा पोज देती नजर आ रही है। इस तस्वीर में सुशांत मुस्कुराते हुए रिया की तरफ प्यार से देख रहे हैं। वहीं रिया के चेहरे पर भी हल्की सी मुस्कान है और वे कैमरे की तरफ देख रही हैं। एक दिलचस्प बात ये है कि दोनों ने इस फोटो में एक ही कलर के कपड़े पहन रखे हैं। सुशांत और रिया की यह फोटो अब सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रही है। फैंस तो इसे देख और भी भावुक हो गए। वे सुशांत को पहले से ज्यादा मिस करने लगें। एक ही फ्लैट में रहते थे सुशांत-रिया बताया जा रहा है कि रिया और सुशांत पिछले कुछ महीनो से रिलेशनशिप में थे।
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ये दोनों एक फ्लैट भी शेयर कर रहे थे। सुशांत के सुसाइड के कुछ दिन पहले ही रिया ने फ्लैट छोड़ा था। इस सुसाइड केस में पुलिस ने रिया से भी घंटों पूछताछ की थी। रिया सहित पुलिस अभी तक 38 लोगों से इस संबंध में पूछताछ कर चुकी है। इसमें सुशांत के पिता, डॉक्टर, पूर्व गर्लफ्रैंड (अंकिता लोखंडे) और दोस्तों से लेकर संजय लीला भंसाली, टैलेंट मैनेजर रेशमा शेट्टी, शेखर कपूर, यशराज फिल्म्स के स्टाफ तक कई लोग शामिल हैं। डिप्रेशन से जूझ रहे थे सुशांत सुशांत पिछले एक साल से डिप्रेशन में थे। 


बीते छह महीनो से वे एक मनोचिकित्सक के पास भी जा रहे थे। सुसाइड के बाद पुलिस को उनके कमरे से डिप्रेशन की गोलियां भी मिली थी। उनके एक करीबी दोस्त के अनुसार सुशांत ने वह दवाएं लेना बंद कर दी थी। फिलहाल पुलिस इसे डिप्रेशन का केस मानकर ही चल रही है। हालांकि कुछ लोग इस मामले में सीबीआई जांच की मांग भी कर रहे हैं। 24 जुलाई को सुशांत की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ (Dil Bechara) भी रिलीज हो रही है। इस फिल्म में वे न्यू एक्ट्रेस संजना सांघी (Sanjana Sanghi) के साथ नजर आएंगे। फिल्म को सुशांत के दोस्त और कास्टिंग डायरेक्टर मुखेश छबड़ा डायरेक्ट कर रहे हैं। यह फिल्म डिजिटल प्लेटफार्म डिज्नी हॉटस्टार प्लस पर रिलीज होगी। फिल्म का ट्रेलर और टाइटल ट्रेक आ चुका है। लोगों को दोनों ही बड़े पसंद आए हैं।
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सुशांत के निधन के एक महीने बाद बाहर निकले अंकिता लोखंडे के जज़्बात, दिया जला बोली- भगवान..



14 जून 2020 को बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) ने अपने मुंबई के निवास स्थल पर फांसी लगा आत्महत्या कर ली थी। उनकी खुदखुशी की खबर सुन पूरा बॉलीवुड हिल गया था। किसी को समझ नहीं आया की उन्होने आखिर ऐसा क्यों किया। आज 14 जुलाई को सुशांत के निधन को एक महिना पूरा हो गया। इस मौके पर उनकी पूर्व गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे (Ankita Lokhande) ने एक फोटो साझा की। बता दें की सुशांत की मौत के बाद से अंकिता ने सोशल मीडिया पर एक भी पोस्ट नहीं डाली थी। ऐसे में सुशांत के जाने के बाद यह उनकी पहली पोस्ट है। इस पोस्ट में भी अंकिता ने सुशांत का नाम कहीं नहीं लिखा लेकिन फिर भी बहुत कुछ कम शब्दों में कह डाला।
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सुशांत के लिए अंकिता ने जलाया दिया


दरअसल सुशांत के निधन को एक महिना पूरा होने पर अंकिता ने उनकी याद में दिया जलाया है। इसकी एक तस्वीर भी उन्होने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की है। इस फोटो में भगवान के मंदिर के सामने सफ़ेद फूल के ऊपर एक दिया जगमगाता दिखाई दे रहा है। इस फोटो को साझा करने के साथ अंकिता कैप्शन में लिखती है – Child of God (भगवान का बच्चा)

लोगों के आए रिएक्शन


सुशांत को लेकर अंकिता की ये पोस्ट अब सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रही है। लोग कमेंट कर सुशांत की आत्मा की शांति की प्रार्थना कर रहे हैं। इसके साथ ही वे अंकिता की अच्छी सेहत के लिए भी दुआ मांग रहे हैं। एक यूजर ने यह भी लिखा ‘उम्मीद है कि आप ठीक होंगी।’ फिर एक कमेंट आया ‘भगवान आपको ताकत, प्यार और खुशियां दें।’
बता दें कि सुशांत के निधन से अब तक अंकिता ने सुशांत को लेकर एक भी पोस्ट नहीं की है। शायद अंकिता सुशांत और अपने रिश्ते को निजी रख उसका सम्मान करना चाहती है। इस पोस्ट में भी उन्होने बिना सुशांत की फोटो शेयर किए या उनका नाम लिखे बहुत कुछ कह दिया। फैंस को अंकिता का ये अंदाज बड़ा पसंद आ रहा है।
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बहुत गहरा था दोनों का रिश्ता


गौरतलब हैं कि अंकिता और सुशांत की लव स्टोरी ‘पवित्र रिश्ता’ सीरियल से शुरू हुई थी। इस शो में दोनों की जोड़ी को बहुत पसंद किया गया था। इनका रिश्ता करीब 6 सालों तक चला लेकिन फिर दोनों का ब्रेकअप हो गया। यह एक साथ लीव इन रिलेशनशिप में भी रह चुके हैं। ब्रेकअप की वजह को लेकर कई तरह की बातें बताई जाती है। जैसे अंकिता सुशांत को लेकर बहुत पाजेसिव हो गई थी। वे शादी कर सेटल भी होना चाहती थी। वहीं सुशांत पहले बॉलीवुड में अपना करियर बनाना चाहते थे इसलिए शादी का तब उनका कोई इरादा नहीं था। एक खबर यह भी आई थी कि बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन की सुशांत से बढ़ती नज़दीकियाँ भी अंकिता के ब्रेकअप का कारण था।
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Monday, 13 July 2020

दिल्ली हिंसा: जाकिर नाईक के संपर्क में था खालिद, दंगे करवाने के लिए सिंगापुर से आते थे पैसे


दिल्ली में फरवरी महीने में हुए दंगों की जांच में एक नया खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अनुसार दंगे करवाने के लिए सिंगापुर से भी पैसा भारत भेजे गए थे। पुलिस ने अपनी जांच में पाया है कि खालिद सैफी के बैंक खातों में सिंगापुर से भी पैसे आए थे। दरअसल हाल ही में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल की है। जिसमें ये खुलासा किया गया है। आपको बता दें कि खालिद सैफी को पुलिस ने दंगे की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के बैंक खातों में भेजे गए थे 

पैसे
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दिल्ली पुलिस के अनुसार सिंगापुर से भेजे गए पैसे खालिद सैफी के अकाउंट और एनजीओ के खातों में आते थे। खालिद के अलावा दंगों के अन्य आरोपियों के बैंक खातों में भी अरब समेत अन्य देशों से पैसा भेजे जाते थे। पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि ये पैसे करीब डेढ़ वर्ष से आ रहे थे। वहीं दंगों के समय पैसे आने की रफ्तार बढ़ गई थी। पुलिस के अनुसार खालिद के बैंक खाते में हर महीने 30 हजार रुपये आते थे। वहीं अब पुलिस इस मामले में खालिद के एक सहयोगी से भी पूछताछ करेगी।

 जाकिर नाईक से की थी मुलाकात 

 पुलिस की और से पहले ये भी खुलासा किया गया था कि खालिद सैफी ने इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाईक से मुलाकात की थी और इसे मलयेशिया से भी पैसा आते थे।

 लखनऊ दंगे से भी जुड़े हैं तार 

खालिद सैफी यूनाइटेड अगेंस्ट हेट नाम का संगठन चलाता है। पुलिस ने अपनी जांच में पाया है कि इसने दंगों के आरोप में गिरफ्तार हुई बॉलीवुड से जुड़ी महिला के खातों में पैसे ट्रांसफर किए थे। ये पैसे खालिद ने लखनऊ दंगों के दौरान ट्रांसफर किए थे। स्पेशल सेल के अनुसार सीएए व कैब को लेकर जब लखनऊ में दंगे हुए थे। उस समय सदर जफर नामक महिला को लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। खालिद ने इस महिला के बैंक खाते में 25 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। ये पैसे वहां पर दंगाइयों की सहायता के लिए ट्रांसफर किए गए थे।

 अगस्त में दाखिल होगी चार्जशीट 

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने खालिद सैफी को चांद बाग इलाके में हुई हिंसा मामले में पिछले महीने गिरफ्तार किया था। वहीं दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल दंगों की साजिश रचने के मामले में अगस्त महीने चार्जशीट भी दाखिल करेगी। चार्जशीट दाखिल करने के लिए पुलिस को 17 सितंबर तक का टाइम दिया गया है। लेकिन पुलिस अगस्त में ही चार्जशीट दाखिल कर देगी। 

 ताहिर हुसैन 

फरवरी महीने में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे हुए थे और इन दंगों के दौरान लोगों के घरों को जलाया गया था। साथ में ही कई सारे लोगों की हत्या भी की गई थी। इन दंगों के लिए पुलिस ने ताहिर हुसैन को मुख्य आरोपी माना है। वहीं इस समय ताहिर हुसैन जेल में बंद है। हाल ही में ताहिर हुसैन ने कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। ताहिर हुसैन पर दंगे की साजिश, हत्या सहित कई सारे आरोपों में केस दर्ज किए गए हैं। ताहिर हुसैन आप पार्टी का नेता था और इसने चांद बाग में दंगा भड़काया था।
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